उप्र विधान परिषद की दैवी आपदा प्रबंधन जांच समिति ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की। समिति के सभापति अवनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अफसरों को जरूरी निर्देश दिए गए और तैयारियों के संबंध में जानकारी ली गई। समिति सदस्य अंगद कुमार सिंह और पद्म सेन चौधरी, अरुण पाठक ने भी सुझाव रखे। सभापति ने कहा कि आपदा के दौरान हमारा प्रथम प्रयास हो कि कम से कम लोग इसकी चपेट में आएं। बारिश से पहले सभी विभाग लोगों के बीच जाकर जागरूकता के लिए कार्यशाला आयोजित करें। 24 घंटे के अंदर आपदा पीड़ित को मदद सुनिश्चित हो इसमें अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग होना चाहिए। आपदा मित्र अपने कार्यों को लेकर तत्पर रहें। सर्पदंश से होने वाली मौतों की रोकथाम पर खास ध्यान देने को कहा। सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। सर्पदंश से मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम और तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए। खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। समिति ने आकाशीय बिजली और डूबने से प्रभावित लोगों की तहसीलवार जानकारी मांगी। डीएम सत्येंद्र कुमार ने वज्रपात से होने वाली मृत्यु, दुर्घटना के बारे में बताया। जनहानि के आंकड़ों में मिली गड़बड़ी : सभापति समिति के सामने जनहानि के आंकड़े रखे गए। इनमें गड़बड़ी पाई गई। डीएम ने इस पर कहा कि वह खुद व्यक्तिगत रूप से इसे देखेंगे और दुरुस्त कराकर समिति के सामने प्रस्तुत करेंगे। डीएम को सिल्ट सफाई के प्रस्तुत आंकड़ों को क्राॅस चेक करने को कहा। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त डॉ. एस चनप्प, स्वाति सिंह, विपिन कुमार, सविता यादव आदि मौजूद रहे।




