पूर्वांचल की सबसे बड़ी विशेश्वरगंज मंडी समस्याओं की मंडी बन चुकी है। शुद्ध पेयजल, शौचालय, पार्किंग,साफ-सफाई, जाम और बिजली से निपटने की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है। कागजों पर तो जिला प्रशासन और नगर निगम ने खूब योजनाएं बनाईं, लेकिन धरातल पर आज तक कुछ ठोस काम नहीं हो सका। दूध सट्टी के बगल में ही क्षेत्र का कूड़ाघर कई बार आंदोलन के बाद भी नहीं बंद हो सका है। यहां पूर्वांचल ही नहीं बल्कि बिहार से रोजाना खरीदार पहुंचते है लेकिन सुविधाओं की कमी से नाक मुंह तक सिकोड़ लेते है। ऊपर से खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन की कार्रवाई अलग से व्यापारियों को झेलनी पड़ती है। इन असुविधाओं से बाजार बेजार हो चला है। व्यापारियों ने बताया कि मंडी में दलहन, तिलहन, गल्ला, घी, तेल, किराना का थोक कारोबार होता है। मंडी में ही महामृत्युंजय महादेव और काल भैरव मंदिर के श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है, लेकिन बजबजाते सीवर और कूड़े से उठते दुर्गंध के बीच उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। समस्याओं के समाधान को लेकर कई बार जिला प्रशासन और नगर निगम के संग व्यापारियों की बैठक हुई, लेकिन नतीजा सिफर ही साबित हुआ। व्यापारियों के अनुसार यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में यहां से पलायन करना पड़ सकता है। पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण व्यापारियों के वाहनों का आए दिन चालान, जाम से मालवाहक के फंसने समेत कई समस्याएं आम है। यदि फल और सब्जी की अस्थायी दुकानें हटा दी जाएं तो जाम से काफी हद तक निजात पाया जा सकता है। सबसे अधिक राजस्व देने वाली इस मंडी में असुविधाओं का बोलबाला है। इस ओर किसी का ध्यान भी नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने भी इस ओर कोई ठोस पहल नहीं की है।
इनकी भी सुनें कूड़ाघर को हटाने को लेकर कई बार नगर निगम को पत्रक सौंपा गया, लेकिन हालात जस के तस हैं। पहले से भी ज्यादा कूड़ा यहां डंप हो रहा है। साफ-सफाई और सीवर की समस्याएं हैं। पार्किंग की कमी से सड़क पर वाहन खड़े होते हैं और उनका चालान तक हो रहा है। – प्रतीक गुप्ता, अध्यक्ष, विशेश्वरगंज भैरोनाथ व्यापार मंडल
विशेश्वरगंज मंडी में अनेक समस्याएं हैं, रोजाना व्यापारी और बाहर के खरीदार उसको झेल रहे हैं। शौचालय, पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी से जुड़ी गलियां अक्सर जाम रहती हैं। पार्किंग की व्यवस्था हो जाए तो फिर दिक्कत ही खत्म हो जाए। *- आकाश जायसवाल, संगठन मंत्री, विशेश्वरगंज भैरवनाथ व्यापार मंडल बरसात के मौसम में मंडी के अधिकतर दुकानों में पानी जमा हो जाता है। गोदाम में पानी भरने से माल खराब होता है। काफी नुकसान उठाना पड़ता है। पार्किंग की जटिल समस्या है। कूड़ाघर ने तो दूध सट्टी समेत आसपास इलाकों के लोगों को हमेशा नाक दबाने पर विवश कर दिया है। *- अभिषेक जायसवाल, व्यापारी, विशेश्वरगंज मंडी,यूरिनल पर कब्जा और सड़क पर अनाधिकृत से लगने वाले ठेले, खोमचे जाम को बढ़ावा देते हैं। माल वाहक वाहनों और खरीदारों के वाहनों को खड़ा करने काे जगह नहीं मिलती है। भैरव और महामृत्युंजय मंदिर के लिए भाेर से ही ग्राहकों की लाइन लगती है लेकिन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। *- अजय यादव, व्यापारी, विशेश्वरगंज मंडी*




