सुरक्षा और संवेदना का एक अनोखा संगम हाल ही में CISF यूनिट BRBNML, सलबोनी में देखने को मिला। हेड कांस्टेबल के रूप में पदोन्नति प्राप्त कर रही एक महिला कर्मी के साथ मंच पर उनका नन्हा बेटा भी मौजूद था — गर्व से सीना ताने, माँ की उपलब्धि का साक्षी।
जब यूनिट कमांडर ने बच्चे से सहजता से पूछा — “बेटा, बड़े होकर क्या बनना है?”, तो उसका मासूम जवाब आया — “कमांडेंट!”
इस निश्छल उत्तर को सम्मान देते हुए, यूनिट कमांडर ने अपनी कुर्सी बच्चे को सौंपते हुए कहा — “आज के कमांडेंट तुम ही हो।” यह दृश्य दर्शकों के लिए केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक स्मृति बन गया — जो दर्शाता है कि वर्दी के पीछे भी एक माँ का दिल, एक बच्चे का सपना और एक सजीव मानवीय भाव छिपा होता है।
