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15 फरवरी से 15 मार्च तक अटल विरासत सम्मेलन:राज्यमंत्री ने कहा-अटल जी के विचार और कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत

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सोनभद्र।भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की जयंती 25 दिसंबर से भाजपा द्वारा उनके जन्मशताब्दी वर्ष पर जारी विभिन्न कार्यक्रमो के क्रम में भाजपा जिला कार्यालय राबर्ट्सगंज में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण हेतु उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को याद करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड़ ने कहा कि भारत रत्न,पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशताब्दी वर्ष जिले के सभी 1515 बूथों में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक रूप से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशानुसार,14 जनवरी से 15 मार्च 2025 तक अटल विहारी बाजपेयी की स्मृति में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम हेतु जिले में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जाएगा,जिनके पास अटल विहारी बाजपेयी से जुड़ी कोई स्मृति हो। यह स्मृतियां अखबार की कटिंग, दस्तावेज,किताबें,ऑडियो/वीडियो क्लिप आदि के रूप में हो सकती हैं। इन स्मृतियों का संकलन कर उन्हें संरक्षित किया जाएगा। 15 फरवरी से 15 मार्च 2025 के बीच सोनभद्र जिले में भाजपा अटल विरासत सम्मेलन आयोजित करेगी। सम्मेलन में जिले के प्रबुद्ध जन,विशिष्ट व्यक्ति और अटल जी के प्रशंसक आमंत्रित किए जाएंगे।
अटल विहारी बाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर लिखी पुस्तकों के लेखकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही अटल विहारी बाजपेयी के स्मृतियों का डिजिटल प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अटल विहारी बाजपेयी के विचार और कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। देश को एक ही मौसम में विभिन्न हिस्सों में कहीं सूखा कहीं बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है। जिसको देखते हुए अटल जी का विचार था कि नदियों को एक दूसरे से जोड़ दिया जाए तो इस विभीषिका से छुटकारा मिल सकता है।और उन्होंने नदी से नदी जोड़ने के क्रम में केन बेतवा लिंक परियोजना की का सपना देखा।1999 में एनडीए सरकार बनने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नदी जोड़ो परियोजना पर काम शुरू किया।
हालांकि 2004 में एनडीए सरकार जाते ही यह योजना फिर ठंडे बस्ते में चली गई। 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि वह इस परियोजना पर समयबद्ध तरीके से अमल करे। जिससे इसकी लागत और न बढ़े।के सपने को साकार करने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीड़ा उठाया है। बहुउद्देशीय और महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के समूचे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी।इस परियोजना से किसानों को जहां सिंचाई के लिए भरपूर जल उपलब्ध होगा,वहीं पेयजल और उद्योगों के लिए भी पर्याप्त पानी मिलेगा।क्षेत्र के आर्थिक,सामाजिक विकास के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के साथ बिताए संस्मरण भी बताए।
कार्यक्रम के जिला संयोजक ओमप्रकाश दूबे ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड अटल जी की सरकार की देन है। जो आज किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। पोखरण विस्फोट करके उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया और पूरे विश्व को चौका दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के माध्यम से विकसित भारत की नींव रखी। प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल,नगर पालिका चेयरमैन रुबी प्रसाद,जिला मीडिया प्रभारी अनूप तिवारी आदि उपस्थित रहे।

Rajesh Sharma
Author: Rajesh Sharma

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