बांदा जेल में बंद रहे मरहूम माफिया मुख्तार अंसारी ने पिछले साल 28 मार्च को आखिरी सांस ली थी। पैतृक आवास पर शव लाने के बाद किए सुपुर्द-ए-खाक की तारीख के कारण पहली बरसी 30 मार्च को मनाई जाएगी। इसे लेकर पारिवारिक स्तर से तैयारी चल रही है।
अब्बास अंसारी भी हो सकते हैं शरीक
परिवार से जुड़े जिम्मेदारों के मुताबिक मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे व मऊ से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी भी शरीक हो सकते हैं। आईएस 191 गैंग के सरगना और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गैंगस्टर मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद था। जहां तबीयत खराब होने के बाद हार्ट अटैक से उसकी मौत हुई थी।
30 मार्च को कालीबाग कब्रिस्तान में हुए थे सुपुर्द-ए-खाक
मुख्तार अंसारी का शव 29 मार्च को पोस्टमॉर्टम के बाद देर रात मुहम्मदाबाद स्थित फाटक पर लाया गया था। जहां अगले दिन 30 मार्च 2024 को रीति रिवाजों और नमाज के साथ कालीबाग, कब्रिस्तान में दफनाया गया। मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी और बड़े बेटा अब्बास अंसारी अंतिम दीदार तक नहीं कर पाए थे। हालांकि बीते साल 10 अप्रैल को अब्बास अंसारी पिता की कब्र पहुंचे थे। आफ्शा अंसारी आजतक पति की कब्र पर नहीं पहुंच सकी है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्तार अंसारी के बड़े भाई पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी इस समय रमजान के आखिरी हफ्ते में मस्जिद में चले गए हैं। ईद का चांद दिखने के बाद ही वे घर लौटेंगे और फिर मुख्तार अंसारी के कब्र पर दुआओं को बक्शेंगे।
ओपी राजभर ने विधायक अब्बास से की बात
अब्बास अंसारी मऊ से सुभासपा के विधायक है और इस समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सशर्त अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आया है। उनकी बात पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार के पंचायती राज और अल्पसंख्यक विभाग के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर से फोन पर हुई है। इस बात की पुष्टि बृहस्पतिवार को जिले में आए खुद मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मीडियो के एक सवाल के जवाब में की। उन्होंने कहा कि मेरी मुलाकात नहीं हुई है, लेकिन टेलीफोन पर बस हालचाल हुआ है।
Author: Rajesh Sharma
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