द ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’
शक्तिनगर/सोनभद्र :-प्राचार्या श्रीमती संध्या एल पांडेय जी ने अपने संबोधन में बताया कि यह महिला दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है जो महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक स्वतंत्रता बढ़ाने पर केंदित है |उन्होंने बताया कि यह दिन नारी शक्ति और महिलाओं की उपलब्धियों को सलाम करने का है | आज नारी पुरूषों की तरह सशक्त और स्वावलंबी है | आज वह प्रत्येक क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों का परचम लहरा रही है | साथ ही साथ उन्होंने श्रीमती इंदिरा गाँधी, मदर टेरेसा, लता मंगेशकर आदि की चर्चा करते हुए बताया कि इन्होने अपनी प्रतिभा के बल पर देश का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर महिलाओं का गौरव बढाया है |
हिंदी शिक्षक अर्जुन मिश्र ने जहा ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ की चर्चा की वहीँ साथ ही साथ यह भी बताया कि एक नहीं दो-दो मात्राए, नर से भारी नारी है |
कार्यक्रम समापन पर प्रीत भोज का आयोजन संपन्न हुआ तथा प्राचार्या महोदया के साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने मिल कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया |
महिला दिवस अविस्मरणीय रहा l
Author: Rajesh Sharma
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