अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत मिली है. छह साल तक ‘Default’ कैटेगरी में रहने के बाद अब कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में तीन पायदान की बढ़ोतरी हुई है. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कंपनी की रेटिंग को ‘IND D’ से बढ़ाकर ‘IND B/Stable/IND A4’ कर दिया है. यह अपग्रेड कंपनी की बिना फंड वाली वर्किंग कैपिटल लिमिट्स पर किया गया है. इस जानकारी के बाद सोमवार को कंपनी के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है,शुक्रवार को NSE पर कंपनी के शेयर 2.95 रुपये (0.79%) की बढ़त के साथ 377.45 रुपये पर बंद हुए.
बीते एक साल में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 98% की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि साल 2024 में अब तक कंपनी के रिटर्न 18% तक पहुंच चुके हैं. यह प्रदर्शन Nifty और Sensex दोनों से काफी बेहतर है, जिनमें इसी अवधि में सिर्फ 3% से थोड़ा अधिक की बढ़त देखने को मिली है.
पिछले 6 महीनों में रिलायंस समूह की दो कंपनियां- Reliance Power और Reliance Infrastructure की मार्केट कैप में जबरदस्त उछाल आया है. इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है.
कंपनी की प्रोजेक्ट पाइपलाइन में सोलर-प्लस-स्टोरेज मेगाप्रोजेक्ट्स और 10,000 करोड़ रुपये के स्मार्ट गोला-बारूद कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं. साथ ही कंपनी 17,600 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना पर भी काम कर रही है.
