राजेश कुमार शर्मा (सह संपादक-वार्ताहब)
शक्तिनगर(सोनभद्र)। आरटीआई कार्यकर्ता राघवेन्द्र प्रताप सिंह की शिकायत पर ख़ान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), वाराणसी द्वारा एनसीएल की खड़िया व अमलोरी खदान क्षेत्र अंतर्गत कार्यरत केसीसीएल (कलिंगा कंपनी) में की गई जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। डीजीएमएस वाराणसी के निरीक्षण दल ने मौके पर खदानों का दौरा कर माइन वोकेशनल ट्रेनिंग रूल्स 1966, कोयला खदान विनियम 2017 तथा माइन रूल्स 1955 के तहत एनसीएल प्रबंधन व ठेका कंपनी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में 15 दिनों के भीतर सभी अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई कर डीजीएमएस कार्यालय को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस जांच की पुष्टि के लिए शुक्रवार को ख़ान उप महानिदेशक (यांत्रिक) पी.के. सिंह, ख़ान निदेशक और उप निदेशक (खनन), वाराणसी क्षेत्र ने एनसीएल खड़िया व दुद्धीचुआ परियोजनाओं का निरीक्षण किया। शिकायतों की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने एनसीएल प्रबंधन को निर्देशित किया कि चिन्हित खामियों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए उन्हें शीघ्र दूर किया जाए और इसकी रिपोर्ट डीजीएमएस वाराणसी कार्यालय तथा धनबाद मुख्यालय को प्रेषित की जाए। जांच के दौरान खदान क्षेत्र में जो प्रमुख अनियमितताएं सामने आईं, उनमें शामिल हैं- प्रशिक्षण मानकों की अनदेखी, सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, कैंटीन और रेस्ट शेल्टर का अभाव, खदान ब्लास्टिंग श्रमिकों में विस्फोटक सामग्री रखरखाव हेतु अति आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण का अभाव,इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए डीजीएमएस ने एनसीएल के निदेशक एस.पी. सिंह को भी उत्तरदायी ठहराते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती तो प्रबंधन व संबंधित कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस जांच के बाद एनसीएल खदान क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है, वहीं मजदूर संगठनों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Author: Rajesh Sharma
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