राजेश कुमार शर्मा (सह संपादक-वार्ताहब)
शक्तिनगर (सोनभद्र)। बीती रात की बारिश ने खड़िया बाजार की नाई बस्ती में आफत बनकर कहर ढा दिया।
तेज बारिश के साथ आया एनसीएल परियोजना का मलबा लोगों के घरों में घुस गया — दो मकान जमींदोज हो गए और करीब तीन दर्जन घर पानी व मिट्टी से पट गए।
रातभर बस्ती में चीख-पुकार मची रही, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर रोते-बिलखते नजर आए, लेकिन मदद को कोई नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों का आरोप है कि एनसीएल प्रबंधन की लापरवाही से यह हालात बने हैं।
सुबह होते ही ग्राम प्रधान विजय गुप्ता उर्फ लाल बाबू, समाजसेवी सन्नी शरण और मुकेश सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी एनसीएल अधिकारियों को दी।
लेकिन, घंटों बीतने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

आक्रोशित ग्रामीणों ने एनसीएल खड़िया परियोजना के सीजीएम गेट पर धरना शुरू कर दिया।
“हमारे घर उजड़ गए, बच्चे सड़क पर हैं और एनसीएल चुप है!” — यही दर्द भरी पुकार हर चेहरे पर दिखाई दी।
ग्राम प्रधान का कहना है कि उन्होंने पहले भी लिखित रूप से विस्थापन की मांग की थी, मगर प्रबंधन ने हर बार लीपापोती कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।
अब सवाल उठता है — जब अगली बारिश होगी, तब क्या बचेगा नाई बस्ती का वजूद?
Author: Rajesh Sharma
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