दिल्ली: किसी महिला के पति की मौत उसके ससुर की मौत के बाद हुई हो, तब भी वह अपने ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण पाने की हकदार है, सुप्रीम कोर्टी का फैसला।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मनुस्मृति के श्लोक का हवाला दिया है
‘न माता न पिता न स्त्री न पुत्रस्त्यागमर्हति ।
त्यजन्नपतितानेतान राज्ञा दण्ड्यः शतानि षट ॥’
अर्थात : माँ, पिता, पत्नी और पुत्र को कभी भी छोड़ना नहीं चाहिए। जो ऐसा करता है, उसे राजा द्वारा 6 सौ ( यूनिट जुर्माना)/ दंडित किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि आज के भरण पोषण क़ानून की सोच यही है।




