राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा दिया। सुबह करीब 8 बजकर 44 मिनट पर अचानक धरती हिलने से कई इलाकों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप की तीव्रता काफी कम थी, जिससे किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र नॉर्थ दिल्ली में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे थी और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसे निम्न दर्जे का भूकंप माना जाता है, जिससे आमतौर पर किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं रहती।
सिस्मिक जोन-IV में आती है दिल्ली
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर भूकंप के लिहाज से संवेदनशील सिस्मिक जोन-IV में आता है, जहां मध्यम से तेज भूकंप की संभावना बनी रहती है। यही कारण है कि हल्के झटके भी लोगों में दहशत पैदा कर देते हैं। विशेषज्ञ लगातार भूकंपरोधी निर्माण और सतर्कता बरतने की सलाह देते रहे हैं।
पहले भी हिल चुकी है राजधानी
– दिल्ली में इससे पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं
– 17 फरवरी 2025 को दिल्ली में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र धौला कुआं के पास था।
– 10 जुलाई को हरियाणा के झज्जर में आए 4.4 तीव्रता के भूकंप की कंपन दिल्ली तक महसूस की गई थी।
– वहीं 16 अप्रैल को अफगानिस्तान में आए 5.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप का असर भी दिल्ली-एनसीआर तक देखा गया था।
विशेषज्ञों की सलाह
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही इस तरह के हल्के भूकंप नुकसानदायक नहीं होते, लेकिन ये इस बात का संकेत जरूर हैं कि क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं। ऐसे में लोगों को भूकंप के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है।




