प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जून 2026 को भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचने जा रहे हैं। इस दिन वह देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। इसके साथ ही वह स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे, जो पिछले छह दशकों से कायम है।
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था और 27 मई 1964 को अपने निधन तक लगातार इस पद पर बने रहे। उनका कार्यकाल 16 वर्ष 286 दिन का रहा। आज भी वह भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता हैं।
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने तीसरी बार सरकार बनाई। 9 जून 2026 को उनका लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल नेहरू के 16 वर्ष 286 दिन के निरंतर कार्यकाल को पार कर जाएगा और वह इस श्रेणी में नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
हालांकि लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में मोदी नया रिकॉर्ड बनाएंगे, लेकिन कुल कार्यकाल की दृष्टि से पंडित जवाहरलाल नेहरू अब भी देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने हुए हैं। 9 जून 2026 तक नरेंद्र मोदी का कार्यकाल लगभग 12 वर्ष पूरा करेगा, जबकि नेहरू का कुल कार्यकाल 16 वर्ष 286 दिन का रहा था। यानी कुल अवधि के मामले में अभी भी दोनों नेताओं के बीच चार वर्ष से अधिक का अंतर बना हुआ है।
यदि प्रधानमंत्री मोदी अपना वर्तमान कार्यकाल पूरा करते हैं, तो उनका कुल कार्यकाल लगभग 15 वर्ष का हो जाएगा। इसके बावजूद नेहरू के 16 वर्ष 286 दिन के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें इससे भी अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री पद पर बने रहना भारतीय लोकतंत्र में एक असाधारण उपलब्धि है। 2014, 2019 और 2024 में मिली लगातार जीत ने नरेंद्र मोदी को देश के सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों की श्रेणी में स्थापित किया है। 9 जून को बनने वाला यह नया रिकॉर्ड भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।



