वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कला संकाय के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया है कि छात्रावास के छात्रों को होली नहीं खेलने दिया गया। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल के कैंपस में बजाए जा रहे डीजे को चीफ प्रॉक्टर के आदेश पर बंद करवा दिया गया। इसके साथ ही पानी के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई। छात्रों ने आरोप लगाते हुए बिरला चौराहे पर धरना प्रदर्शन शुरू किया है।
चीफ प्रॉक्टर पर लगे आरोप….काशी हिंदू विश्वविद्यालय और चीफ प्रॉक्टर संदीप पोखरिया एक बार फिर चर्चा में हैं। आरोप है कि चीफ प्रॉक्टर के आदेश पर छात्रों को होली खेलने से रोका गया है। छात्रों ने बताया कि हम प्रत्येक वर्ष होली की छुट्टियों से पहले हॉस्टल के प्रांगण में होली का आयोजन करते हैं। इसमें छात्र और छात्राएं सामूहिक रूप से उपस्थित होकर इस पर्व का आनंद लेते हैं।
पानी के इस्तेमाल पर लगाई गई रोक…छात्रों ने बताया कि शुक्रवार को भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था, लेकिन इस दौरान विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी पहुंचे और डीजे बंद करवा दिया। छात्रों का आरोप है कि चीफ प्रॉक्टर के इशारे पर पानी के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई। छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रॉक्टर हिंदू विरोधी मानसिकता के हैं और ऐसे आयोजनों को होने से रोकते हैं।
चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग…छात्रों ने आरोप लगाते हुए बिरला चौराहे पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों के इस प्रदर्शन में छात्राएं भी उपस्थित हैं और इस दौरान छात्र एवं छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों की मांग है कि चीफ प्रॉक्टर को बर्खास्त किया जाए।




