Home » खेल » कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारतीय मुक्केबाजों का धमाका, सभी 10 बॉक्सर फाइनल में; गोल्ड की उम्मीदें बढ़ीं

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारतीय मुक्केबाजों का धमाका, सभी 10 बॉक्सर फाइनल में; गोल्ड की उम्मीदें बढ़ीं

Commonwealth Games 2026
Facebook
Twitter
WhatsApp

ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत के सभी 10 मुक्केबाजों ने जीत दर्ज कर अपने-अपने वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही भारत के लिए कम से कम 10 रजत पदक पक्के हो गए हैं, जबकि अब पूरे देश की निगाहें स्वर्ण पदक मुकाबलों पर टिकी हैं।

भारत के इस शानदार अभियान की अगुआई अनुभवी मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन कर रही हैं। उनके अलावा प्रीति पवार, जैसमीन लम्बोरिया, अरुंधति चौधरी, अंकुश पंघाल, जादूमणि सिंह और अन्य भारतीय मुक्केबाज़ों ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया है। कई खिलाड़ियों ने अपने से बेहतर रैंक वाले प्रतिद्वंद्वियों को हराकर यह उपलब्धि हासिल की है।

भारतीय बॉक्सिंग दल का यह प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में सबसे सफल अभियानों में से एक माना जा रहा है। सभी 10 मुक्केबाज़ों का फाइनल में पहुंचना भारतीय मुक्केबाज़ी की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी मजबूत स्थिति का संकेत है।

अब फाइनल मुकाबलों में भारत के पास स्वर्ण पदकों की संख्या में बड़ा इज़ाफ़ा करने का मौका है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय मुक्केबाज़ अपना मौजूदा फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो बॉक्सिंग भारत के लिए इस कॉमनवेल्थ गेम्स का सबसे सफल खेल बन सकता है।

भारत का समग्र प्रदर्शन भी लगातार बेहतर होता जा रहा है। बॉक्सिंग के अलावा एथलेटिक्स, जूडो और अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इससे पदक तालिका में भारत की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

“देश-दुनिया की हर बड़ी और भरोसेमंद खबर के लिए पढ़ें Vartahub

vartahub
Author: vartahub

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें