ताजिकिस्तान : ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, जो 1992 से सत्ता में हैं, ने इस्लामी हिजाब को ‘समाज के लिए समस्या’ बताया है। हाल के वर्षों में सरकार ने ‘पारंपरिक’ ताजिक परिधान को बढ़ावा दिया है और राष्ट्रीय संस्कृति के खिलाफ माने जाने वाले कपड़ों पर पाबंदी लगा दी है. ताजिक महिलाओं का पारंपरिक पहनावा आमतौर पर रंग-बिरंगे, कढ़ाईदार, पूरी बाजू के कुर्ते होते हैं, जिन्हें ढीले-ढाले पायजामे के साथ पहना जाता है. सरकार इस तरह के पारंपरिक कपड़ों को ही बढ़ावा देना चाहती है और ‘विदेशी इस्लामी प्रभावों’ को खत्म करना चाहती है.इस्लिए वह महिलाओं के कपड़ों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी करने के लिए एक नई किताब पब्लिश करेगा. यह किताब जुलाई में आएगी और इसमें महिलाओं को किस उम्र में, किस मौके पर और कहां कौन से कपड़े पहनने चाहिए, इसकी सिफारिशें दी जाएंगी. ताजिकिस्तान जो एक मुस्लिम-बहुल मध्य एशियाई देश है, समाज पर कड़ी निगरानी रखता है, खासकर महिलाओं और लड़कियों से जुड़े मामलों में.
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