पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज हो चुकी है. चुनाव आयोग ने नई विधानसभा के गठन को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी भी कर दी गई है. बीते 4 मई को नतीजे आने के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरीके से साफ हो चुकी है. 207 सीटें जीतकर बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है, तो वहीं करीब डेढ़ दशक से सत्ता पर काबिज रहने वाली ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है, जिसके चलते वो बंगाल विधानसभा का चुनाव हार गई है. जहां बीजेपी की जबरदस्त जीत हुई है. चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया आधिकारिक अधिसूचना को राज्यपाल के पास भेज दिया गया है. इसके साथ ही नई सरकार बनने का रास्ता भी साफ हो गया है. सूत्रों की मानें तो 8 मई को बीजेपी विधायक दल की बैठक हो सकती है. इसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बंगाल के पर्यवेक्षक बने अमित शाह कोलकाता जा सकते हैं.
7 मई को खत्म हो रहा कार्यकाल..पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है. चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया ये नोटिफिकेशन तब सामने आया जब, पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाने के साथ-साथ अपना इस्तीफा देने से इनकार करना, जहां ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री के रूप में राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने की संभावना से इनकार कर किया. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘मैं अब इस्तीफा क्यों दूं? हम असल मायने में नहीं हारे हैं. ये परिणाम बड़े पैमाने पर धांधली और वोटों की लूट को दिखाते हैं तो फिर इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?
बंगाल में कब हो सकता है शपथग्रहण..सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को हो सकता है, इसी दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, इसलिए इसे खास माना जा रहा है. इससे पहले बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर जानकारी दी थी. उन्होंने कहा कि 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, उसी दिन शपथ ग्रहण समारोह होगा और इसकी घोषणा प्रधानमंत्री की ओर से की जा चुकी है.
सरकार बनाने का रास्ता खुला..पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भी नई विधानसभा के गठन को लेकर चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है. चुनाव आयोग की अधिसूचनाओं से प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विजयी दलों के नेताओं को पिछली राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरकार गठन का दावा पेश करने का रास्ता खुल गया है. तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई, असम का 20 मई, केरल का 23 मई और पुडुचेरी का 15 जून को खत्म हो रहा है.



