1. कर की बचत के लिए निवेश करने का मौका वर्तमान में दो प्रकार की कर प्रणालियां काम कर रही है-पुरानी और नई आयकर व्यवस्था। अगर करदाता या संयुक्त हिन्दु परिवार यानी एचयूएफ पुरानी आयकर व्यवस्था चुनता है तो वह आयकर अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं जैसे 80सी, 80डी, 80टीटीबी, 80ई, 80जी आदि के अंतर्गत विभिन्न कटौतियों का फायदा लेकर अपनी कर देनदारी घटा सकता है। पुरानी आयकर व्यवस्था चुनने वालों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 मार्च से पहले कर से जुड़ी बचत और निवेश का काम पूरा करना जरूरी है
2. पीपीएफ, सुकन्या खाते में न्यूनतम राशि निवेश पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना खाते को सक्रिय रखने के लिए वित्त वर्ष में निश्चित न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। पीपीएफ के लिए न्यूनतम राशि 500 रुपये और सुकन्या समृद्धि खाते के लिए 250 रुपये है। 12 महीने में एक बार यह राशि जमा करना जरूरी होता है।
3. दफ्तर में निवेश के साक्ष्य जमा करना जिन कर्मचारियों ने अपने दफ्तर में वित्त वर्ष की शुरुआत में कर बचाने वाले निवेश की जानकारी दी थी, उन्हें नियत तारीख से पहले नियोक्ता को उससे जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य जमा करने होंगे। इससे चूकने पर नियोक्ता वेतन से ज्यादा टीडीएस कटौती कर सकता है।
4. आवास ऋण का ब्याज प्रमाणपत्र हासिल करना जिन लोगों ने आवास ऋण लिया है, उन्हें अपने बैंक से स्टेटमेंट या ब्याज का प्रमाणपत्र डाउनलोड कर लेना चाहिए। आयकर कानून के तहत, करदाता आवास ऋण के ब्याज पर दो लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। मूल राशि के पुनर्भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की कटौती धारा 80सी के तहत उपलब्ध है।
5. कर निर्धारण वर्ष 2021-22 की संशोधित रिटर्न कर निर्धारण वर्ष 2021-22 (वित्त वर्ष 2020-21) के लिए संशोधित रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 है। पहले दाखिल किए गए रिटर्न में कोई गलती है या अन्य जानकारी देना भूल गए हैं, तो संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसमें ऐसे मामले भी शामिल हैं, जहां करदाता ने मूल या विलंबित रिटर्न में आय से जुड़ी कुछ जानकारी सही तरीके से नहीं दी थी तो संशोधित आईटीआर भर सकते हैं।
6. विदेशी आय का विवरण पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर योग्य विदेशी आय का विवरण, उस पर काटे गए या भुगतान किए गए टैक्स के साथ की जानकारी 31 मार्च तक देना जरूरी है। यदि रिटर्न धारा 139(1) या धारा 139 (4) के तहत दाखिल किया गया है, तो विदेशी कर का दावा करने के लिए यह जरूरी है।
7. फॉर्म 12 बी जमा करना अगर आप वेतनभोगी हैं और आपने मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपनो नौकरी बदली है तो आपको अपनी पुरानी कंपनी से आय के विवरण फॉर्म 12बी में मौजूदा नियोक्ता के पास जमा करने होंगे। ऐसा इसलिए ताकि मौजूदा नियोक्ता की ओर से स्रोत पर कर कटौती की सही गणना की जा सके।




