वर्तमान में अखबारों और टीवी चैनलों के लिए सख्त नियम हैं लेकिन ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म, यूट्यूब (YouTube) और सोशल मीडिया पर कंटेंट को कंट्रोल करने के लिए कोई खास कानून नहीं है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति को बताया कि वह इस विषय पर मौजूदा कानूनों की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही एक रिपोर्ट पेश करेगा. इस रिपोर्ट की बुनियाद पर यह तय किया जाएगा कि मौजूदा कानूनों में बदलाव किया जाए या नया कानूनी ढांचा तैयार किया जाए.
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