मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी की उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पिता की जहर देकर हत्या का आरोप लगाया था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में दिए गए तथ्यों को निराधार मानते हुए याचिका निरस्त कर दी। दरअसल, उमर अंसारी ने पिता मुख्तार अंसारी की जेल में मौत की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी के गठन की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का मामला नहीं है। पिछली सुनवाई पर उमर की तरफ से पेश वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि मुख्तार की मौत की न्यायिक जांच हुई है, लेकिन अभी तक न्यायिक जांच की रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है। इसके बाद कोर्ट ने यूपी सरकार को मुख्तार की मेडिकल, मजिस्ट्रेट और न्यायिक जांच की रिपोर्ट उमर अंसारी को देने को कहा था। मुख्तार की 28 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश की बांदा जेल तबीयत बिगड़ गई थी। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक की वजह से हुई।
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