वाराणसी में 33 हजार से ज्यादा घरों की स्व-जनगणना :- वाराणसी में स्व-जनगणना के लिए महज तीन दिन शेष, DM का जनपदवासियों का आह्वान,वाराणसी में स्व-जनगणना कार्य तेजी से चल रहा है। यही कारण है कि 7 मई से अभी तक 33 हजार से ज्यादा मकानों का स्व-जनगणना व हाउस लिस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। स्व-जनगणना अभियान 7 मई से संचालित है जो 21 मई तक चलेगा। यानी महज तीन दिन इसमें शेष बचे हैं। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक वास्तविक जनगणना का कार्य प्रशिक्षण प्राप्त प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा संपादित किया जाना है। प्रगणक घर-घर जाकर यह कार्य पूरा करेंगे। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनगणना कार्य को समय से पूरा करने का आह्वान जनपदवासियों से की है।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। स्व-जनगणना के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करते हैं, जिससे आंकड़े अधिक शुद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्राप्त होते हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अधिकाधिक संख्या में स्व-जनगणना करने तथा अन्य लोगों को भी प्रेरित करने की अपील की।प्रगणक व पर्यवेक्षक अपने क्षेत्र में रहेंगे
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना कार्य में शिथिलता अथवा बाधा उत्पन्न करना दंडनीय है। दिनांक 22 मई 2026 से प्रत्येक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का अपने आवंटित क्षेत्र में कार्य करना अनिवार्य होगा।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को समय से ड्यूटी कार्ड, जनगणना किट एवं हाउस लिस्टिंग ब्लॉक से संबंधित नक्शे उपलब्ध करा दिए जाएं तथा वे अपने क्षेत्र का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें।
33 सवालों का जवाब देना जरूरी.. केंद्र सरकार की इस पहल के तहत नागरिकों को पहली बार आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी गई है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। OTP सत्यापन के बाद उन्हें 33 सवालों की एक प्रश्नावली भरनी होगी। विवरण सफलतापूर्वक जमा होने पर एक 11 अंकों की ‘एसई आईडी’ प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
22 मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक..‘स्व-गणना’ करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे के दौरान काफी सुविधा होगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। जनगणना के दौरान आपसे किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी या आधार संख्या जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। वहीं प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देखें।




