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संसद में फिर गरमाया सियासी माहौल: FCRA Bill पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

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नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला। Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 यानी FCRA Amendment Bill को लेकर संसद में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार ने बिल को आगे की विस्तृत जांच के लिए Joint Parliamentary Committee (JPC) के पास भेजने का रास्ता अपनाया है।

FCRA Bill पर क्यों मचा है सियासी घमासान?

FCRA से जुड़े प्रस्तावित बदलावों को लेकर विपक्ष और विभिन्न नागरिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, बिल के कुछ प्रावधानों को लेकर आशंका जताई गई है कि इससे सरकार को विदेशी फंड प्राप्त करने वाले संगठनों की संपत्तियों के संबंध में व्यापक अधिकार मिल सकते हैं।सरकार की ओर से JPC को भेजने का कदम ऐसे समय आया है जब संसद में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है। JPC में विभिन्न दलों के सांसद शामिल होते हैं और समिति बिल के प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट संसद के सामने रख सकती है।

अमित शाह और विपक्ष के बीच बढ़ी बयानबाजी

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के बीच संसद में बहस को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वह सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं और विपक्ष से चर्चा की चुनौती दी।वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष को भाषण नहीं, बल्कि अपने सवालों के जवाब चाहिए। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए।

संसद में लगातार हो रहा हंगामा

FCRA Bill अकेला ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर संसद में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। पिछले दिनों सदन की कार्यवाही लगातार विरोध और नारेबाजी से प्रभावित हुई है। मंगलवार को भी विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा ने दो विधेयक बिना विस्तृत बहस के पारित किए। इनमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने और National Cooperative Development Corporation (NCDC) की शक्तियों का विस्तार करने से जुड़े विधेयक शामिल थे।विपक्ष की ओर से संसद परिसर में कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया है। इनमें राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोप और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अब आगे क्या?

FCRA Amendment Bill को JPC के पास भेजे जाने से सरकार को बिल पर व्यापक चर्चा और आपत्तियों को सुनने का अवसर मिलेगा। वहीं विपक्ष के लिए भी समिति के स्तर पर प्रस्तावित प्रावधानों पर विस्तार से सवाल उठाने का रास्ता खुलेगा।अब नजर इस बात पर रहेगी कि JPC की समीक्षा के बाद FCRA Bill किस स्वरूप में संसद में वापस आता है और क्या सरकार तथा विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सहमति बन पाती है।

Varta Hub की नजर

संसद में जारी घटनाक्रम यह दिखाता है कि Monsoon Session में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव अभी खत्म नहीं हुआ है। FCRA Bill को JPC के पास भेजना फिलहाल गतिरोध कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन आने वाले दिनों में इस बिल पर बहस और राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध ताजा समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। विधेयक के अंतिम प्रावधान और संसदीय प्रक्रिया आगे बदल सकती है।

vartahub
Author: vartahub

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