बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए अपने बयान के बाद विवादों में घिर गए। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई देते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बीच किसी तरह का भेद पैदा करने की नहीं थी। यदि उनकी बातों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह विनम्र भाव से क्षमा प्रार्थी हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में 28 अक्टूबर को आयोजित एक कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी। उन्होंने भगवान श्रीराम को सीधे खड़े होने वाला और भगवान श्रीकृष्ण को टेढ़ी मुद्रा में खड़े होने वाला बताया था।उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद कई लोगों ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई और इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपमानजनक बताया। बयान को लेकर धार्मिक जगत और सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई।
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दी सफाई
विवाद के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह टिप्पणी भक्तिभाव में कही थी और उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया।उन्होंने खुद को भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज का भक्त बताते हुए कहा कि वह श्रीमद्भागवत कथा करते हैं और भगवान ठाकुर जी का गुणगान करते हैं। उनका उद्देश्य भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बीच अंतर बताना नहीं था।
हम कृष्ण विरोधी नहीं हैं’, हाथ जोड़कर मांगी क्षमा
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी सफाई में कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम में भी भगवान श्रीकृष्ण का नाम जुड़ा हुआ है और भगवान की कृपा से ही उनका जीवन है।उन्होंने आगे कहा कि यदि उनकी टिप्पणी से किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वह विनम्रतापूर्वक क्षमा मांगते हैं। उन्होंने दोहराया कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों एक ही हैं और उनके बीच कोई भेद नहीं है।
धार्मिक भावनाओं को लेकर फिर चर्चा में आया बयान
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान और उसके बाद आई माफी ने धार्मिक भावनाओं, संतों की अभिव्यक्ति और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।इस पूरे मामले में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था जताते हुए सभी से उनके भाव को समझने की अपील की।




